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किडनी स्टोन का आयुर्वेद में इलाज - क्या हैं जानकारी और उपाय?

Updated: May 19, 2024


kidney stone ayurvedic treatment

आयुर्वेद में पथरी या स्टोन को अश्मरी नाम से वर्णित किया गया हे आचार्य सुश्रुत ने सुश्रुत संहिता में अश्मरी निदान में 4 प्रकार की अश्मरी का वर्णन किया हे


  1. वातज अश्मरी ,

  2. पित्तज अश्मरी ,

  3. कफज अश्मरी

  4. शुक्रज अश्मरी


ये चार प्रकार की अश्मरी श्लेष्मा का आशय करके उत्पन्न होती है आयुर्वेद में अश्मरी को दारुन (भयंकर) व्याधि कहा गया है .


किडनी स्टोन या गुर्दे में पथरी तब होती है जब हमारी किडनी रक्त को साफ़ करने के दौरान उसमें मौजूद सभी अपशिष्ट उत्पादों और गैर जरूरी पौषक तत्वों को पेशाब के जरिये शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती जब रक्त में अपशिष्ट उत्पादों की मात्रा और पौषक तत्वों की मात्रा अधिक हो जाती है, या किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती, तो ये अपशिष्ट उत्पाद किडनी में ही जमा होने लगते हैं, जिससे किडनी में पथरी की समस्या उत्पन्न हो जाती है


किडनी में बनने वाली पथरी खनिज और एसिड लवण से बनती है आमतौर पर, किडनी में बनी पथरी पेशाब के जरिये शरीर से बाहर निकल जाती है, लेकिन जब यह पेशाब के जरिये शरीर से बाहर नहीं निकल पाती, तो पथरी

दर्द करती हे

इसके अलावा, कम पानी पीने से, मोटापे, खराब लाइफस्टाइल, अत्यधिक यूरिक एसिड, और कुछ दवाएं लेने से भी किडनी में स्टोन बन सकता है


नई गुर्दे की पथरी का इलाज आयुर्वेदिक चिकित्सा से किया जा सकता है पुरानी पथरी का उपचार कठिन होता हे इसलिए शस्त्रसाध्य होती हे श्री के के आयुर्वेदिक हॉस्पिटल के चिकित्सको द्वारा आयुर्वेदिक दवाओं से अनेको अश्मरी के रोगियों का सफल उपचार किया हे |


किडनी स्टोन के लक्षण


किडनी स्टोन के लक्षण व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य पर निर्भर करते हैं। यह अक्सर जब गुर्दे से निकलकर यूरेटर में पहुंचती है, तो दिखाई देते हैं


  1. पीठ में दर्द: पसलियों के ठीक नीचे पीठ में दर्द महसूस हो सकता है।

  2. मतली और उल्टी: दर्द बढ़ने के साथ मतली और उल्टी आ सकती है।

  3. पेशाब में खून: पेशाब में खून आ सकता है।

  4. गाढ़ा और बदबूदार पेशाब: गाढ़ा और बदबूदार पेशाब हो सकता है।

  5. कंपकंपी, पसीना और बुखार: यह किडनी स्टोन के संक्रमण की स्थिति में हो सकता है।

  6. स्टोन के छोटे टुकड़े पेशाब के साथ बाहर आना: यूरिक एसिड स्टोन की स्थिति में हो सकता है।

  7. मूत्र मार्ग में स्टोन आने के कारण तेज पेशाब लगने का एहसास: यह भी एक लक्षण हो सकता है।


किडनी स्टोन का उपचार


किडनी की पथरी का साइज छोटा हो तो अधिक पानी पीने एवं पाषाण भेद आदि आयुर्वेदिक औषधि लेने से आराम से निकल जाती हे लेकिन साइज बड़ा होने पर कई तरह की आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग करके पथरी को तोड़कर या गलाकर आसानी से ठीक किया जा सकता हे बहुत पुरानी एवं बहुत बड़े साइज की पथरी को भी आयुर्वेदिक दवा से तोडा जा सकता हे यदि दर्द बहुत ज्यादा न हो या कोई आपात स्तिथि न हो

आचार्य सुश्रुत ने अश्मरी चिकित्सा में पुरानी अश्मरी को शस्त्र साध्य कहा हे , नवीन अश्मरी को औषधि साध्य कहा हे एवं वरुणादिगण की औषधियों का प्रयोग बताया हे |


किडनी पथरी के लिए कुछ प्रमुख औषधीय योग


त्रिकंटक बीज चूर्ण मधु मिलाकर बकरी के दूध से प्रयोग , कुठ चित्रक देवदारु इलायची गुग्गुल क्वाथ ,नीलकमल कदम्ब जड़ ,पाषाण भेद पुनर्नवा आदि अनेक औषधियों का वर्णन संहिताओं में उपलब्ध हे उपरोक्त औषधीय योग केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से वर्णित हे उपचार के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर से परामर्श जरुरी हे

श्री के के आयुर्वेदिक हॉस्पिटल के चिकित्सको द्वारा आयुर्वेदिक दवाओं से अनेको अश्मरी के रोगियों का सफल उपचार किया हे

अधिक जानकारी एवं किसी भी समस्या के आयुर्वेदिक समाधान के लिए आप हमें संपर्क कर सकते हे +917500542864 या हमारे चिकित्सक से परामर्श के लिए अभी कंसल्टेशन बुक कर सकते हे |


 
 
 

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